विधि
- एक भारी बर्तन में सरसों के तेल को बस धुआँ निकलने तक गरम करें। मेथी दाना, जिमबू, हरी और बड़ी इलायची, लौंग और दालचीनी डालें। 60 सेकंड पकाएँ।
- कटे प्याज़ डालें; 12 मिनट तक पकाएँ जब तक गहरे कैरामेल — गहरे शहद के रंग के — न हो जाएँ।
- अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर 90 सेकंड भूनें। पिसे मसाले (कश्मीरी मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा, तिमुर) डालकर 60 सेकंड चलाएँ।
- बकरे के टुकड़े डालकर लपेटें। 6 मिनट तक सेकें — माँस भूरा हो जाए।
- फाँकों के टमाटर, चीरी हरी मिर्च और माचिस के अदरक डालें। 4 मिनट चलाएँ — टमाटर नर्म होकर मिल जाएँ।
- 800 मिली पानी और नमक डालें। ढककर सबसे धीमी आँच पर 70 मिनट तक पकाएँ, हर 15 मिनट चलाते रहें। बकरा काँटे से टूटने जैसा नर्म, ग्रेवी कम होकर तेल-धब्बों वाली चमकदार चटनी बन जाए। गरम मसाला मिलाएँ। धनिया पत्ती से सजाएँ। ढककर 15 मिनट विश्राम दें। चावल के साथ परोसें। यह व्यंजन रात भर रखने पर और बेहतर हो जाता है।
सांस्कृतिक संदर्भ
खसी को मासु दशैं त्योहार का खाना है — दशैं नेपाल का सबसे लंबा और महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है (सितंबर-अक्टूबर में 15 दिन), और बकरे की बलि और भोज उत्सव के केंद्र में हैं। हर नेपाली परिवार दशैं भोज के लिए बकरा कटवाता या ख़रीदता है। यह व्यंजन शादियों और विशेष अवसरों के भोजन में भी उत्सवी खाना है। सरसों का तेल और तिमुर-जिमबू-मेथी का मसाला संयोजन अचूक नेपाली पहचान है। नेवारी संस्करण विशिष्ट स्थानीय स्पर्श जोड़ते हैं; ब्राह्मण घर ज़्यादा जीरा-धनिया की ओर झुकते हैं; मगर संस्करण ज़्यादा लहसुन इस्तेमाल करते हैं।