विधि
- एक 60 सेमी लंबा हरा बाँस का खंड काटें, जिसका एक सिरा प्राकृतिक गाँठ से बंद हो। (विकल्प: एक गहरा भारी मिट्टी का बर्तन।)
- बकरी के मांस को लहसुन, अदरक, मिर्च, हल्दी, नींबू का रस, इमली, नमक, काली मिर्च, तुलसी और धनिया पत्ती के साथ मिलाएँ।
- मसालेदार मांस को बाँस में भरें। खुले सिरे को कसकर लपेटे केले के पत्ते से बंद करें।
- लकड़ी की आग जलाएँ। बाँस को कोयलों में तीखे कोण पर रखें ताकि गरमी अंदर पहुँचे।
- 90-120 मिनट तक पकाएँ, हर 20 मिनट में बाँस घुमाते रहें। बाँस बहुत जलेगा; मांस अपने रस और बाँस की महक में पकता है।
- मेज़ पर बाँस को काटकर खोलें; मांस को परोसने के कटोरे में निकालें। बाँस और मांस की महक एक असली तुकिर की पहचान है।
सांस्कृतिक संदर्भ
तुकिर तिमोर-लेस्ते का बाँस में पकाया जाने वाला व्यंजन है — एक प्राचीन मौबेरे तकनीक। यह व्यंजन प्रमुख सांस्कृतिक समारोहों के लिए सुरक्षित है — शादियाँ, अंतिम संस्कार, फ़सल त्योहार। बाँस को दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता; हर तुकिर को ताज़ा कटा हरा बाँस चाहिए। यह तकनीक तिमोर की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।