विधि
- एक भारी बर्तन में तेल गरम करें। प्याज़ को 8 मिनट तक नरम होने तक पकाएँ। लहसुन और अदरक डालें; 60 सेकंड भूनें।
- मेमने का कीमा डालें; 6 मिनट तक भूरा होने तक पकाएँ। हल्दी, कश्मीरी मिर्च और जीरा डालें; 60 सेकंड चलाएँ। टमाटर का पेस्ट डालें; 4 मिनट पकाएँ।
- भिगोई हुई अरहर दाल और 700 मिली पानी डालें। ढककर 25 मिनट पकाएँ — दाल नरम होनी चाहिए।
- धोया हुआ चावल और नमक डालें। चलाएँ; उबाल लाएँ। ढककर सबसे धीमी आँच पर 18 मिनट भाप दें। 10 और मिनट ढककर रखें।
- क़ुरूत चटनी बनाएँ: भिगोई हुई क़ुरूत को लहसुन और 1 बड़ा चम्मच सूखे पुदीने के साथ एक गाढ़ी चिकनी चटनी में पीसें।
- चावल-और-मांस का मिश्रण थाली में रखें। ऊपर से क़ुरूत चटनी उदारता से डालें। बचा हुआ सूखा पुदीना छिड़कें। गरम परोसें। खाते समय चटनी को चावल में मिलाते जाएँ।
सांस्कृतिक संदर्भ
किचिरी क़ुरूत हज़ारा लोगों का व्यंजन है — मध्य अफ़गानिस्तान के फ़ारसी-भाषी जातीय अल्पसंख्यक, जो हज़ाराजात पहाड़ों में रहते हैं। यह व्यंजन मज़बूत फ़ारसी और मंगोल विरासत के साथ पर्वतीय-पशुपालक व्यंजन को दर्शाता है। क़ुरूत — अफ़गान सूखी-दही-और-मट्ठा उत्पाद — एक हज़ारा घरेलू मूल वस्तु है, जो बकरी के दूध से बनाई जाती है और गर्मियों में सर्दियों भर के उपयोग के लिए सुखाई जाती है। यह व्यंजन ईरान (काश्क-ए बादेमजान कहा जाता है) और ताजिकिस्तान (कीचेरी) में भी पाया जाता है। यह व्यंजन नृवंशवैज्ञानिक रूप से महत्त्वपूर्ण है और हज़ारा सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा है।