Taste·Asia

रसगुल्ला

রসগোল্লা (Rasagollā)

बंगाली दूध के पनीर के गोले — छेना (घर का ताज़ा पनीर) छोटे गोलों में बनाकर हल्की चाशनी में तब तक उबाला जाता है जब तक तीन गुना न हो जाए। बंगाल की सबसे ज़्यादा निर्यात की जाने वाली मिठाई, गरम या ठंडी खाई जाती है।

तैयारी१h
पकाना३० मिनट
व्यक्ति१२
कठिनाईकठिन
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रसगुल्ला

विधि

  1. छेना बनाएँ: दूध को उबाल लाएँ। आँच मध्यम-धीमी कर दें। नींबू का रस धीरे-धीरे डालते हुए चलाएँ — दूध फटेगा और मट्ठा अलग होगा। 60 सेकंड और चलाते रहें।
  2. साफ़ मलमल बिछी छलनी से छानें। नींबू का स्वाद हटाने के लिए छेना को 30 सेकंड ठंडे पानी से धोएँ। कपड़ा बाँधकर 30 मिनट के लिए लटकाकर पानी निकालें — छेना थोड़ा नम लगे, बिल्कुल सूखा नहीं।
  3. छेना को साफ़ कार्य सतह पर रखें। हथेली के निचले हिस्से से 8 मिनट तक गूँथें — छेना दानेदार से चिकना और थोड़ा चिपचिपा हो जाएगा क्योंकि प्रोटीन विकसित होते हैं। गूँथना रसगुल्ले का तकनीकी हृदय है; अपर्याप्त गूँथने से सख़्त, घने गोले बनते हैं जो फूलते नहीं।
  4. सूजी डालें और मिलाने के लिए थोड़ा गूँथें। छेना को 12 हिस्सों में बाँटें और हथेलियों के बीच घुमाकर चिकने, बिना दरार वाले गोले बनाएँ। दरार होने पर गोले चाशनी में टूट जाते हैं।
  5. एक चौड़े भारी बर्तन में चीनी और पानी को तेज़ उबाल पर लाएँ। चाशनी बस गाढ़ी हो, बहुत गाढ़ी नहीं। छेने के गोले सावधानी से डालें।
  6. बर्तन ढककर मध्यम-तेज़ आँच पर 15 मिनट पकाएँ — गोले तीन गुना हो जाएँ और सतह पर तैरें। एक-दो बार धीरे चलाएँ। इलायची और गुलाबजल मिलाएँ। चाशनी में कमरे के तापमान पर ठंडा करें। कमरे के तापमान पर या फ्रिज में रखकर परोसें, चाशनी ही ड्रेसिंग है।
सांस्कृतिक संदर्भ

रसगुल्ला सबसे विवादित बंगाली मिठाई है — बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल दोनों इसके आविष्कार का दावा करते हैं। बताया जाता है कि यह व्यंजन 1868 में नबीन चंद्र दास, कलकत्ता की एक मिठाई की दुकान के मालिक ने बनाया था। 'गीला' शैली (चाशनी में) बंगाली संस्करण है; सूखा रसगुल्ला (रसमलाई) अलग व्यंजन है। बांग्लादेशी संस्करण कलकत्ता संस्करण से थोड़ा कम मीठा होता है। दोनों देशों में इस व्यंजन को जियोग्राफ़िकल इंडिकेशन टैग प्राप्त है।

और देखें: बांग्लादेश