विधि
- गाढ़ी नारियल मलाई को भारी बर्तन में डालें और मध्यम आँच पर चलाते हुए पाँच से छह मिनट पकाएँ जब तक यह 'फट' न जाए — तेल अलग होकर इकट्ठा हो जाए। यह आधार है; जल्दबाज़ी मत करें।
- करी पेस्ट डालकर फटे तेल में चार मिनट भूनें, उसे पैन में फैलाते हुए दबाएँ। रंग ईंट से महोगनी जैसा गहरा हो जाए और रसोई में भुने मसालों की सुगंध फैले।
- बीफ डालकर हर टुकड़े पर पेस्ट लपेटने तक पलटें। बचा हुआ नारियल का दूध और एक कप पानी डालें। इलायची, दालचीनी और तेज पत्ते डाल दें।
- हल्की धीमी आँच पर लाएँ और ढककर हर बीस मिनट पर चलाते हुए 90 मिनट पकाएँ। बीफ नरम होने के क़रीब हो लेकिन अभी टूटे नहीं।
- आलू, शैलट और मूँगफली डालें। ढक्कन हटाकर 30–45 मिनट और पकाएँ — आलू सॉस सोख लें और बीफ चम्मच के दबाव में नरम हो जाए।
- इमली, ताड़ के गुड़ और मछली सॉस से सीज़न करें। स्वाद पहले मीठा-गाढ़ा, फिर खट्टा, फिर हल्की मसालेदार गरमाहट लगनी चाहिए। आँच बंद कर दस मिनट विश्राम दें, फिर जैस्मिन चावल और नींबू के टुकड़ों के साथ परोसें।
सांस्कृतिक संदर्भ
मस्समान का इतिहास सत्रहवीं सदी की अयुथया में बसे फ़ारसी और भारतीय-मुस्लिम व्यापारियों तक जाता है — मसालों का स्वरूप (इलायची, दालचीनी, लौंग, जीरा) मुग़ल है, थाई नहीं। दक्षिणी थाईलैंड में जहाँ मुस्लिम जनसंख्या सबसे अधिक है, मस्समान अक्सर चिकन या बकरी से बनता है और शादियों तथा ईद पर परोसा जाता है। CNN की 'दुनिया का सर्वश्रेष्ठ व्यंजन' की पुरानी सूची ने इसे पर्यटक-प्रिय बना दिया, पर सबसे ईमानदार संस्करण आपको पट्टानी के घर में ही मिलेगा।
