विधि
- एक चायदानी या भारी पतीले में खुली हरी चाय, कुचली इलायची, दालचीनी और (अगर उपयोग कर रहे हैं तो) केसर डालें।
- उबलता पानी डालें। 4 मिनट भिगोएँ।
- छोटे बिना हैंडल वाले ताजिक चाय कटोरों (पियोला) में छानें। ताजिक परंपरा छोटी मात्रा है, बार-बार भरी जाती है।
- किशमिश, सूखी ख़ुबानी, बादाम और अखरोट के साथ। ताजिक चाय अनुष्ठान में निरंतर भरना और बहुत सारी बातचीत शामिल है।
- पहला कप अक्सर मिश्रण को मिलाने के लिए बर्तन में वापस डाला जाता है (इसे 'किम' कहा जाता है)। फिर ताज़ा कटोरों में डाला जाता है।
- ताजिक पूरे दिन चोई कबुद पीते हैं; चाय पीना केंद्रीय ताजिक सामाजिक गतिविधि है।
सांस्कृतिक संदर्भ
चोई कबुद ताजिक आतिथ्य पेय है — हर ताजिक बैठक में चाय शामिल है। ताजिक परंपरा बिना चीनी की चाय है (फ़ारसी/अरब विरासत के बावजूद), छोटे सूखे फलों और मेवों के साथ। चाय पीना ताजिक सामाजिक जीवन के लिए आवश्यक माना जाता है; चाय मना करना अशिष्ट माना जाता है। आधुनिक ताजिक चायख़ाने (चायख़ोनास) सदियों पीछे की परंपरा वाले सार्वजनिक सभा स्थान हैं।