विधि
- एक भारी बर्तन में मध्यम-तेज़ आँच पर तेल गरम करें। जीरा चटकाएँ। प्याज़ डालकर 8 मिनट तक पकाएँ जब तक गहरे कैरामेल रंग के न हो जाएँ।
- अदरक-लहसुन का पेस्ट डालकर 90 सेकंड भूनें। पिसे मसाले (कश्मीरी मिर्च, हल्दी, धनिया, जीरा) डालकर 90 सेकंड चलाएँ।
- बीफ़ का कीमा डालें। तोड़कर 6 मिनट तक भूनें; माँस भूरा हो जाए और नमी निकले।
- टमाटर का पेस्ट और नमक डालें। 4 मिनट पकाएँ — यह भुना कदम है जहाँ मसाले, माँस और टमाटर एक हो जाते हैं।
- आलू के क्यूब्स डालें। मिलाएँ। 200 मिली पानी डालें। उबाल लाकर ढककर 25 मिनट तक पकाएँ जब तक आलू नर्म हो जाएँ और कीमा अधिकांश नमी सोख ले।
- ढक्कन हटाएँ; अगर बहुत गीला हो तो 5 मिनट और पकाएँ। व्यंजन नम हो लेकिन सूप जैसा नहीं। चीरी हरी मिर्च और गरम मसाला डालें; ढककर आँच से उतारकर 10 मिनट विश्राम दें। धनिया पत्ती और लच्छेदार अदरक से सजाएँ। चपाती या नान के साथ परोसें — रोटी से समेटकर खाएँ।
सांस्कृतिक संदर्भ
आलू क़ीमा पाकिस्तानी पारिवारिक व्यंजन है — कराची, लाहौर और इस्लामाबाद के मध्यम-वर्गीय घरों में हर हफ़्ते खाया जाता है, और बच्चों का सबसे माँगा जाने वाला व्यंजन है। यह व्यंजन लंचबॉक्स में भी आम है, चपाती पर डालकर रोल बनाकर ले जाया जाता है। हर पाकिस्तानी परिवार में थोड़े-थोड़े फ़र्क होते हैं: कुछ मटर मिलाते हैं (मटर कीमा), कुछ आलू नहीं डालते (सिर्फ़ कीमा), कुछ बीफ़ की जगह मटन इस्तेमाल करते हैं। यह व्यंजन पाकिस्तानी आरामदायक खाने का प्रतीक है — पेट भरने वाला, हल्का मसालेदार, ब्रेड के साथ खाया जाता है, और अगले दिन और बेहतर हो जाता है।