विधि
- तीतर की छाती को 3 सेमी पट्टियों में काटें। कद्दूकस नाशपाती, सोया सॉस, मिरिन, ब्राउन शुगर, तिल के तेल, लहसुन, अदरक, तिल और काली मिर्च के साथ मिलाएँ। अच्छी तरह मलें। कम से कम 2 घंटे मैरीनेट करें।
- मैरीनेट किए तीतर को भिगोई बाँस की सीखों पर हरे प्याज़ की लंबाइयों के साथ बारी-बारी से पिरोएँ।
- कोयले की ग्रिल जलाएँ — लकड़ी का कोयला कोरियाई परंपरा है; धुआँ व्यंजन की स्वाद पहचान है। जब कोयले लाल चमकें और लपट न रहे, तब सीखें ऊपर रखें।
- हर तरफ़ 90 सेकंड ग्रिल करें, बचे मैरिनेड से ब्रश करते रहें। तीतर जगह-जगह जलना चाहिए और बाहर गहरा कैरेमेलाइज़्ड हो। तीतर चिकन से दुबला है; ज़्यादा न पकाएँ।
- पका लेकिन रसदार रहने तक आँच से हटाएँ।
- सलाद के पत्तों और सम्जांग के साथ परोसें। खाने का तरीक़ा: तीतर का टुकड़ा सलाद के पत्ते में सम्जांग की चुटकी और लहसुन के टुकड़े के साथ लपेटें। एक कौर में खाएँ। चावल और बानचान के साथ जोड़ें।
सांस्कृतिक संदर्भ
ख्वोंग-गुई कोरियाई पर्वत-क्षेत्र का जंगली व्यंजन है — तीतर ऐतिहासिक रूप से कोरियाई प्रायद्वीप के जंगली पहाड़ों में शिकार किए जाते थे, माँस को इसकी थोड़ी जंगली, ज़्यादा दुबली प्रोफ़ाइल के लिए सराहा जाता था। यह व्यंजन उत्तर कोरियाई ग्रामीण पाक-कला और कोरियाई दरबारी पाक-कला से जुड़ा है। दक्षिण कोरियाई रेस्तराँ अब भी पर्वत क्षेत्रों में ख्वोंग व्यंजन परोसते हैं, पर परंपरा उत्तर में ज़्यादा मज़बूती से बनी हुई है। धुएँ-और-सीख की तकनीक सार्वभौमिक कोरियाई ग्रिल माँस है।