विधि
- एक भारी बर्तन में पानी, लेमनग्रास, गलंगाल, साख़न लता, छोटे प्याज़ और लहसुन डालें। धीमी आँच पर लाएँ।
- चिकन या सूअर डालें; 25 मिनट तक नर्म होने तक पकाएँ।
- बाँस के अंकुर और वुड ईयर मशरूम डालें। 8 मिनट पकाएँ।
- भुना चावल पाउडर, मछली की चटनी और पादेक डालें। चावल पाउडर शोरबे को थोड़ा गाढ़ा करता है। 4 मिनट और पकाएँ।
- आँच से उतारकर डिल और थाई तुलसी डालें। लेमनग्रास और गलंगाल के टुकड़े फेंक दें (वे खाने के लिए नहीं हैं)।
- गहरे कटोरों में चिपचिपे चावल के साथ परोसें। केंग नाव माई भोजन-और-सूप दोनों है; शोरबा चुस्की भर लेकर चिपचिपे चावल को हाथ से खाते हैं।
सांस्कृतिक संदर्भ
केंग नाव माई — 'बाँस-अंकुर सूप' — सबसे ग्रामीण लाओ व्यंजनों में से एक है, बाँस के अंकुरों के मौसम (देर वसंत से शुरुआती ग्रीष्म) में बनाया जाता है। ताज़े बाँस की कड़वाहट और मिर्च-दार साख़न लता मिलकर वह स्वाद बनाते हैं जिसे लाओ स्थानीय 'जंगल का स्वाद' कहते हैं। यह व्यंजन लाओ ग्राम पाक-कला और ग्रामीण रेस्तराँ से जुड़ा है। आधुनिक विएन्तियाने शेफ़ ने केंग नाव माई की फिर से खोज की है और इसे उच्च-स्तरीय मेन्यू पर 'देहाती' लाओ व्यंजन के रूप में रखा है। अंत में डाली डिल और तुलसी ही जड़ी-बूटी पहचान हैं जो लाओ सूप को पड़ोसी पाक-कलाओं से अलग करती हैं।