विधि
- मांस को उबलते पानी में 5 मिनट डुबोएँ; धोएँ। 3 लीटर ताज़े पानी, 1 कटा प्याज़, लहसुन, नमक, काली मिर्च, जीरा और तेजपत्तों के साथ मिलाएँ। झाग हटाते हुए 2.5 घंटे धीमी आँच पर पकाएँ।
- मांस निकाल लें; ठंडा करें, हड्डी निकालें, पतले स्लाइस में काटें। आख़िरी 10 मिनट में काज़ी सॉसेज को शोरबे में डालें; निकालकर काटें।
- शोरबे को मलमल से छानें। अलग रखें।
- नूडल बनाएँ: मैदा, नमक, अंडे और गुनगुना पानी मिलाएँ। 10 मिनट गूँथकर एक सख़्त आटा बनाएँ। 30 मिनट आराम दें। जितना संभव हो उतना पतला (1 मिमी) बेलें। 6 सेमी × 4 सेमी आयतों में काटें।
- बचे 2 कटे प्याज़ को 2 बड़े चम्मच मेमने की चर्बी या तेल में लगभग 6 मिनट तक नरम होने तक भूनें। 200 मिली छाने हुए शोरबे में डालें।
- नूडल को छाने हुए शोरबे में 4 मिनट उबालें; पानी निकाल दें। एक चौड़ी थाली पर ढेर करें। ऊपर कटा मांस और काज़ी रखें। उदारता से प्याज़-शोरबे का मिश्रण डालें। सोआ और धनिया पत्ती से सजाएँ। हाथों से सामुदायिक रूप से खाएँ; इसलिए नाम 'बेशबरमक' (पाँच उँगलियाँ)।
सांस्कृतिक संदर्भ
बेशबरमक कज़ाख़ राष्ट्रीय व्यंजन है — कज़ाख़ सांस्कृतिक पहचान का केंद्र। हर कज़ाख़ परिवार के पास अपना पसंदीदा मांस अनुपात है (घोड़े का मांस सबसे पारंपरिक है; मेमना आज अधिक आम है)। यह व्यंजन शादियों, अंतिम संस्कारों, छुट्टियों और मेहमानों के स्वागत भोजों में परोसा जाता है। केंद्रीय थाली से हाथों से सामुदायिक भोजन सबसे पहचानने योग्य कज़ाख़ भोजन परंपरा है। आधुनिक कज़ाख़ प्रवासी समुदाय बेशबरमक बनाना जारी रखते हैं।